उत्तराखंड

क्या 2022 में रावत बनाम रावत होगा विधानसभा चुनाव ? ग़ैरसैण एक बार फिर से बना केंद्रबिंदु

2022 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भले ही अभी देरी हो लेकिन कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चुनावी बिसाते बिछानी शुरू कर दी है आज कल हरीश रावत लगातार सोशल मिडिया पर भाजपा पर टिप्पणी करते नज़र आ रहे है, गैरसैण पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकार वार्ता के दौरान त्रिवेंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा की
“है त्रिवेंद्र सिंह भैजी कख च तुम्हर ग्रीष्मकालीन सरकार , मिथे कखी नी दिंखे, #राजधानीक बोर्ड भी नी दिखें, जरा उत्तराखंडक भुला-भुलियों ते बता दियों।
माननीय #त्रिवेंद्र_सिंह जी आपकी #ग्रीष्मकालीन_सरकार कहां है! मुझे कहीं नहीं दिखी, राजधानी का बोर्ड भी नहीं दिखा, उत्तराखंड के लोगों को जरा बताईये।
#त्रिवेंद्र_सिंह ज्यू कां छ तुमरि #गर्मियों क सरकार! म कै कांई न देखिन, राजधानी क बोर्ड लै न दिखिन, उत्तराखण्ड क लोगों कें बतवा”
कांग्रेस की रणनीति 2022 की ?
दो साल बाद यानी 2022 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव  में भले ही अभी देरी हो, लेकिन चुनावी बिसात बिछने लगी है. सत्ता पाने को बेताब कांग्रेस नेता अभी से रणनीति का खुलासा करने लगे हैं. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत टारगेट पर हैं. यानी विधानसभा चुनाव की जंग रावत बनाम रावत की होगी. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह इशारा भी कर दिया है.
हरीश रावत ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर पार्टी की रणनीति की ओर इशारा किया है, जिससे साफ है कि कांग्रेस के निशाने पर सिर्फ और सिर्फ त्रिवेंद्र सिंह रावत और उनकी कार्यशैली रहेगी. जानकारों की मानें तो इस रणनीति से यह भी साफ हो गया है कि कांग्रेस, पीएम नरेंद्र मोदी के नाम से बचती नजर आ रही है. जानकार मानते हैं कि इसकी सबसे बड़ी वजह पीएम मोदी की करिश्माई छवि है, जिससे कांग्रेस घबराई हुई है. कांग्रेस को डर है कि 2022 का उत्तराखंड विधानसभा चुनाव संभवतः यूपी विधानसभा चुनाव के साथ होगा. ऐसे में बीजेपी के पोस्टर बॉय पीएम मोदी ही होंगे और उनकी छवि का फायदा उत्तराखंड में बीजेपी को मिलना तय है. ऐसे में कांग्रेस अपनी पूरी रणनीति मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ईर्द-गिर्द बुनने की योजना में है.

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