उत्तराखंड

उत्तराखंड में बढ़े बिजली के दाम, UERC ने बिजली की नई दरों की करी घोषणा

उत्तराखंड में चुनावी साल में बिजली की दरों में इजाफा कर दिया गया है। प्रतिमाह 101 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को अब पहले की तुलना में अधिक बिल चुकाना होगा। जबकि कमर्शियल उपभोक्ताओं के टैरिफ में भी बढ़ोत्तरी की गई है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की ओर से सोमवार को जारी वर्ष 2021- 22 के बिजली टैरिफ के अनुसार प्रतिमाह 101 से 200 यूनिट बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को अब चार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल चुकाना होगा। अभी तक इस श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ तीन रुपये पचहत्तर पैसे था। यानी अब इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 25 पैसे अधिक चुकाने होंगे।

201 से 400 यूनिट बिजली प्रतिमाह खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को अब प्रति यूनिट पांच रुपये पचास पैसे के हिसाब से बिल देना होगा। इस श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए अभी तक टैरिफ पांच रुपये पंद्रह पैसे था। यानी इस श्रेणी के लिए प्रति यूनिट 35 पैसे बढ़ाए गए हैं। महीने में 400 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को अब छह रुपये 25 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिल देना होगा। इस श्रेणी के लिए अभी तक टैरिफ पांच रुपये 90 पैसे तय था। यानी इस श्रेणी में भी प्रति यूनिट 35 पैसे का इजाफा किया गया है।

बीपीएल, 100 यूनिट तक राहत
विद्युत नियामक आयोग ने बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या पूरे राज्य में पांच लाख के करीब है। इसके अलावा बर्फ वाले इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए भी टैरिफ में बदलाव नहीं किया गया। इसके अलावा प्रतिमाह 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के टैरिफ में भी कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी और इनसे पूर्व की भांति ही प्रति यूनिट दो रुपये अस्सी पैसे के हिसाब से बिल वसूला जाएगा। इसके अलावा कमर्शियल श्रेणी के 50 यूनिट प्रतिमाह खर्च करने वालों और 25 किलोवाट विद्युत भार तक के एलटी उपभोक्ताओं के टैरिफ में भी कोई इजाफा नहीं किया गया है।

कमर्शियल और औद्योगिक श्रेणी में भी इजाफा
कमर्शियल श्रेणी के 25 किलोवाट तक के उपभोक्ताों के लिए अब टैरिफ पांच रुपये अस्सी पैसा प्रति यूनिट होगा। अभी तक इसकी दर पांच रुपये पचहत्तर पैसा थी। 25 किलो वाट से ऊपर के उपभोक्ताओं से प्रति यूनिट पांच रुपये अस्सी पैसा की दर से बिल लिया जाएगा। इस श्रेणी के लिए अभी तक पांच रुपये 60 पैसे की दर तय थी। 75 किलोवाट से ऊपर उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ पांच रुपये पचहत्तर पैसा प्रति यूनिट तय किया गया है जो अभी तक पांच रुपये पैंसठ पैसा था। इसी तरह औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के टैरिफ में भी मामूली इजाफा किया गया है। 25 किलोवाट से अधिक अनुबंधित विद्युत भार वाले उपभोक्ताओं के लिए अब टैरिफ चार रुपये 30 पैसा होगा जो अभी तक चार रुपये पच्चीस पैसा था।

दस दिन के भीतर भुगतान करने पर छूट
आयोग ने बिजली के बिल तय समय से पहले जमा करने पर छूट का भी प्रावधान किया है। यदि कोई उपभोक्ता बिजली बिल जारी होने के दस दिन के भीतर इलेक्ट्रानिक माध्यम से करता है तो उसे कुल बिल पर टैक्स छोड़कर 1.25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। कैश, चैक से 10 दिन के भीतर भुगतान करने पर 0.75 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। लेकिन यह छूट एलटी उपभोक्ताओं के लिए प्रतिमाह अधिकतक 10 हजार जबकि एचटी उपभोक्ताओं के लिए प्रतिमाह अधिकतम एक लाख तक होगी।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए छोटे उपभोक्ताओं की एक बड़ी संख्या को राहत दी गई है। इसके साथ ही छोटे उद्योग व कमर्शियल श्रेणी में भी टैरिफ नहीं बढ़ाया गया है। कुछ श्रेणियों में नाम मात्र की बढ़ोत्तरी की गई है। इससे उपभोक्ताओं पर ज्यादा भार नही बढ़ेगा।
एमके जैन, सदस्य, विद्युत नियामक आयोग

साभार: दैनिक हिंदुस्तान

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