उत्तराखंड

पशुपालन विभाग में होगी sit जाँच, राज्यमंत्री रेखा आर्य ने मुख्यसचिव को किए आदेश

पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने उत्तराखंड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड में घपलों की एसआईटी जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। मंत्री की ओर से मुख्य सचिव और सचिव पशुपालन को मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की तत्काल एसआईटी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद मेनका गांधी की ओर से घपलों की जांच कराने के लिए सरकार को पत्र लिखा गया था।उत्तराखंड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.अविनाश आनंद पर आरोप हैं कि राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम (एनसीडीसी) और राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत जारी धनराशि में अनियमितता बरती गई, साथ ही आय से अधिक संपत्ति की भी शिकायत है।
केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह और सांसद मेनका गांधी ने भी राज्य सरकार को पत्र लिख कर भ्रष्टाचार के आरोप की उच्च स्तरीय जांच कराने को कहा था। इस पर सरकार की ओर से प्रमुख सचिव आनंद वर्धन को जांच सौंपी गई थी।

अब पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर लगे आरोपों की एसआईटी जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। मंत्री ने मुख्य सचिव ओम प्रकाश और पशुपालन सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है। सीईओ पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से उत्तराखंड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड की छवि पूरे देश में खराब हुई है। भ्रष्टाचार किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसीलिए सीआईओ पर योजनाओं में अनियमितता, आय से अधिक संपत्ति के आरोप की जांच एसआईटी से कराने के आदेश दिए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *