Friday, June 14, 2024
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उत्तराखंड

हरिद्वार महाकुम्भ के आँकड़ो में बड़ा खुलासा, 72% बाहरी राज्यों से आने वालों ने बढ़ाया कोरोना

दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने महाकुंभ से लौटने वाले श्रद्धालुओं की कोविड आरटीपीसीआर जांच और होम आइसोलेशन की अनिवार्यता कर दी है। महाकुंभ आयोजन को संक्रमण फैलने की वजह बताया जा रहा है। इन सबके बीच जिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े हैरान करने वाले हैं।आंकड़ों के मुताबिक, हरिद्वार में कोविड संक्रमण फैलने की असली वजह बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालु हैं। उन्हीं की वजह से कोविड का प्रसार हुआ है। दस दिनों में जिले 5909 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें हरिद्वार जिले के एक्टिव केस मात्र 1662 (28.12 फीसदी) है जबकि बाकी 71.88 फीसदी मरीज बाहरी राज्यों के हैं।हरिद्वार महाकुंभ में 11 से 14 अप्रैल तक लगातार तीन बड़े स्नान हुए। इनमें 49 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इनमें कोविड संक्रमण की दृष्टि से अति संवेदनशील दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी जैसे राज्यों के श्रद्धालुओं की बड़ी तादात रही।इसके बाद से ही हरिद्वार में संक्रमण ने पैर पसार दिए। 11 अप्रैल से पहले जिले में औसतन 150 से 200 संक्रमित (श्रद्धालु और स्थानीय) मिल रहे थे। 10 अप्रैल को 217 संक्रमित थे, लेकिन 11 अप्रैल को इनकी संख्या बढ़कर 372 हो गई।12 अप्रैल के शाही स्नान के अगले दिन संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 843 पहुंच गया। 10 से 19 अप्रैल तक जिले में कुल 5909 संक्रमित मिले हैं।इनमें बॉर्डर, मेला क्षेत्र और जिले की सभी तहसील क्षेत्रों की जांच शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इतने संक्रमित मिलने के बाद भी जिले में मात्र 1662 एक्टिव मरीजों में 1010 होम आइसोलेट हैं।136 डीसीएचसी अस्पतालों, 76 डीसीएच अस्पताल और 440 कोविड केयर सेंटरों में भर्ती हैं। बाकी संक्रमित बाहरी राज्यों और जिलों के श्रद्धालु हैं। इसके अलावा बॉर्डर पर जांच में मिले संक्रमितों को लौटा दिया गया, जबकि मेला क्षेत्र में मिले अधिकतर संक्रमितों को भी उनके जिलों को सूचित कर भेज दिया गया था। कोरोना संक्रमितों के आंकड़े—
10 अप्रैल  215
11 अप्रैल  372
12 अप्रैल  563
13 अप्रैल  843
14 अप्रैल  638
15 अप्रैल  629
16 अप्रैल  592
17 अप्रैल  743
18 अप्रैल  634
19 अप्रैल  678

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