Friday, June 14, 2024
Latest:
उत्तराखंड

कोरोना, ब्लैक फ़ंगस के बाद अब डेंगू का अलर्ट जारी, शासन से सभी CMO को दिए गए निर्देश

कोरोना काल मे डेंगू का डंक परेशान ना करे इसको देखते हुए उत्तराखंड शासन ने समस्त मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दे दिए है। सचिव पंकज कुमार पांडे ने पत्र लिखकर सबको कहा है कि वर्तमान में कोरोना वायरस का संक्रमण राज्य भर में प्रसारित हो रहा है। आप सभी अवगत है कि आगामी माहों में डेंगू रोग के प्रसारित होने की सम्भावनाएं भी बढ़ जाती हैं। कोविड-19 व डेंगू रोग के एक साथ प्रसारित होने की सम्भावना के दृष्टिगत निम्न कार्यवाहियों की जानी अत्यन्त आवश्यक है ताकि कोविड-19 संक्रमण काल में डेंगू रोग के प्रसारित होने पर किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति को होने से रोका जा सके-

● किसी भी राजकीय व निजी चिकित्सा संस्थान अथवा जांच केन्द्र में यदि कोई संदिग्ध अथवा पुष्टिकृत डेंगू रोगी मिलता है तो उक्त चिकित्सा संस्थान व जांच केन्द्र द्वारा शीघ्रातिशीघ्र यह सूचना सम्बन्धित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, जिला वैक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी कार्यालय एवं जिला आई०डी०एस०पी० यूनिट को प्रदान की जाये। डेंगू एक महामारी रोग है व नोटिफाईनल रोगों की श्रेणी में आता है तथा डेंगू रोगी की सूचना प्रदान की जानी अनिवार्य है व इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता होने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये।

डेंगू रोगी की सूचना प्राप्त होते ही डेंगू रोगी के निवास क्षेत्र के आस-पास शीघ्रातिशीघ्र समस्त निरोधात्मक कार्यवाही की जाये।

• प्रत्येक डेंगू रोगी की कोविड 19 की भी नैदानिक जांच की जाये। जो भी रोगी डेंगू रोग के साथ कोविस 19 संक्रमण के लिए भी पॉजिटिव पाए जाते हैं उन रोगियों को प्राथमिकता के तौर पर लिया जाए। इन रोगियों को शीघ्रातिशीघ्र चिकित्सकीय परीक्षण एवं परामर्श के उपरान्त लक्षणों के आधार पर DCH, DCHC एवं DCCC स्तर के कोविड-19 चिकित्सालयों में उपचार प्रदान किया जाए। कोविड-19 एवं डेंगू पॉजिटिव रोगियों हेतु पृथक से आइसोलेशन वार्ड एवं मच्छरदानी युक्त बेडों की व्यवस्था रखी जाये। उक्त रोगियों की सूचना शीघ्रातिशीघ्र राज्य कोविड-19 कन्ट्रोल रूम को प्रदान की जाये ताकि इन रोगियों की स्वास्थ्य निगरानी राज्य स्तर से भी की जा सके।

• कोविङ–19 महामारी के नियंत्रण हेतु कार्यशील समस्त DCH, DCHC एवं DCCC में मच्छर जनित परिस्थितियों को उत्पन्न होने से रोका जाये। दैनिक रूप से समस्त DCH, DCHC एवं DCCC में 500 मी0 की परिधि व आस-पास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या का निदान, डेंगू मच्छर के पैदा होने के स्थान जैसे गमले, खुले पानी की टंकी, कबाड को नष्ट किया जाये व व्यस्क मच्छर से बचाव हेतु कार्यवाही की जाये।

समस्त जनपद आवश्यकतानुसार डेंगू एलाइजा जाँच किट की व्यवस्था रखें एवं जाँच फिट एवं अन्य डेंगू निरोधात्मक सामाग्री की क्रय हेतु जिला बजट में भी पर्याप्त प्रावधान कर लें ताकि डेंगू निरोधात्मक कार्यवाही में अवरोध न हो।

● डेंगू संघरण काल के दौरान मैदानी जनपद न्यूनतम 100 डेंगू डेडीकेटेड बेड की व्यवस्था सुनिश्चित रखें

पर्वतीयजनपद न्यूनतम 30 से 50 डेंगू डेडीकेटेड बेड व्यवस्था रखें जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर शीघबढ़ाया जा सके।

• समस्त जनपदों के ब्लड बैंक में Platelets की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये।

• जनपद में डेंगू रोग से हुई मृत्यु का तीन कार्यदिवसों के भीतर डेंगू डैथ आडिट कमेटी द्वारा आडिट कर

रिपोर्ट ईमेल uknvbdcp@gmail.com पर भेजना सुनिश्चित करें।  डेंगू की दैनिक रिपोर्ट सायं 4:00 बजे तक नियमित रूप से राज्य स्तर पर ईमेल vidp@gmail.com पर भेजना सुनिश्चित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *