एक बार फिर से आंदोलन की राह पर उत्तराखंड के बिजली कर्मचारी, लेकिन इस बार बिजली कर्मियों के निशाने पर है केंद्र सरकार
उत्तराखंड विद्युत् अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा कार्यकारिणी की बैठक 132kv माजरा सब स्टेशन पर आयोजित की गई| सभा की अध्यक्षता प्रदीप कंसल तथा संचालन मोर्चा संयोजक इंसारूल हक ने किया| आज की सभा में इंजीनियर कार्तिकेय दूबे, केहर सिंह, वीके ध्यानी पंकज सैनी, विनोद कवि, आनंद सिंह रावत, अमित रंजन, रविंद्र सैनी, बीरबल सिंह, बबलू सिंह, पीपी शर्मा, आदि ने विचार रखे|
सभा ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज के राष्ट्रीय स्तर पर विद्युत संशोधन अधिनियम के माध्यम से निजी करण के विरोध हेतु कार्यक्रम के संबंध में विचार विमर्श किया गया| तथा निम्नलिखित निर्णय हुए
1. सभा में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एंप्लाइज के आवाहन पर *दिनांक 14 नवंबर 2022* को इंस्टीट्यूशन आफ इंजिनियर्स सभागार देहरादून में उत्तराखंड राज्य के बिजली कर्मचारियों के द्वारा एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा| इस कार्यक्रम मे राष्ट्रीय स्तर के कर्मचारी नेताओं शैलेंद्र दुबे तथा कामरेड सदरूद्दीन राणा के द्वारा संबोधित किया जाएगा|
2. दिनांक 23 नवंबर 2022 को रामलीला मैदान दिल्ली में बिजली कर्मचारियों द्वारा आयोजित विशाल कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का निर्णय लिया गया|
सभा में वक्ताओं के द्वारा
बिजली कामगारों एवं अभियंताओं के निम्नलिखित विषयों को उठाया गया:-
• विद्युत कंपनियों का निजीकरण रोका जाय ।
• कंपनियों को मर्जकर एक बिजली बोर्ड का गठन किया जाय।
• रिक्त पदो पर नियमित भर्ती की जाय।
• समान कार्य समान वेतन नियम लागू किया जाय।
पेंशनर व नियमित कामगारों को केन्द्र के समान मंहगाई भत्ता दिया जाय। पेंशन की गारंटी दी जाय ।
• पुरानी पेंशन नीति लागू की जाय। •
• बिना शर्त अनुकम्पा नियुक्ति दी जाय।
• आउटसोर्स कामगार को नियमित किया जाये|
आज की सभा में मोर्चा के सभी घटक संगठनों ने एक एकमत से निर्णय लिया कि विद्युत कंपनियों के निजीकरण के लिए लाए जा रहे विद्युत संशोधन अधिनियम के विरोध में दिनांक 14 नवंबर को उत्तराखंड राज्य के सभी बिजली संगठनों के कार्मिक देहरादून आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे तथा दिनांक 23 नवंबर को राज्य के सभी बिजली अभियंता अवर अभियंता तथा कामगार राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।
