Wednesday, February 28, 2024
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उत्तराखंड

अलमोड़ा में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का बड़ा एलान, जल्द ज़िला विकास प्राधिकरणों को स्थगित करने का शासनादेश होगा जारी

अल्मोड़ा – अल्मोड़ा पहुॅचे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न महत्वकांक्षी योजनाओं व किये गये क्रिया-कलापों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति बेहद गम्भीर है इस हेतु 720 डाक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया गतिमान जो मार्च तक पूर्ण हो जायेगी इससे पूर्व राज्य सरकार द्वारा 2400 डाक्टरों की नियुक्ति की गयी है इसके अलावा 2500 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया को अनुमोदित कर जल्दी इस पर प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। उन्होंने कहा कि 132 एम्बुलेंस जल्दी ही राज्य को मिल जायेंगी जिससे दूरस्थ क्षेत्र तक अकाल मृत्यु मरने वाले मरीजो को अस्पताल तक पहुॅचाया जायेगा। प्रत्येक जिला अस्पताल तक आईसीयू बना दिये गये है। मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 121 पुलो को फेस-2 हेतु भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया है जिसमें 530 करोड़ रू0 का व्यय आयेगा इसके लिए उन्होंने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री का धन्यवाद किया। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के अन्तर्गत पूरे देश में 22 हजार चिकित्सालयों को चिन्हित किया गया है जिसमें मरीज अपना ईलाज करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए 500 विद्यालयों को वर्चुवल क्लास से जोड़ दिया गया है वहीं उच्च शिक्षा में 97 प्रतिशत फैकल्टी व लगभग सभी महाविद्यालयों के अपने भवन स्वीकृत कर दिये गये है। प्रत्येक ब्लाॅक में अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोले जा रहे है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रत्येक घर में जल उपलब्ध कराया जा रहा है इसको तीन फेस में पूरा किया जायेगा जिसमें प्रथम फेस में कनेक्शन लगाना, दूसरा पानी की मात्रा को बढ़ाना व तीसरा उसकी गुणवत्ता में सुधार करना है। उन्होंने बताया कि 2023 तक इस लक्ष्य को पूर्णकर लिया जायेगा। मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ब्लाॅक मुख्यालय में टैªफिक नियन्त्रण करने के लिए कम आबादी वाले ब्लाॅक मुख्यालयों में डेढ़ लेन व ज्यादा आबादी वाले ब्लाॅक मुख्यालयों में दो लेन की सड़क बनायी जायेगी। उन्होंने कहा कि आये दिन पहाड़ों में महिलाओं की घास लाते वक्त या जंगली जानवरों के हमले में मृत्यु हो जाती है इसको रोकने के लिए प्रदेश सरकार की पाॅच वर्ष की योजना है जिसके अन्तर्गत पर्याप्त मात्रा में घास उगाई जायेगी उसे सब्सीडी के रूप में बेचा जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण की दिक्कतों को देखते हुए जिला विकास प्राधिकरण को स्थागित किया गया है जिसका शासनादेश जल्दी हो जायेगा।

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