ऊर्जा विभाग में आखिर कर्मचारियों की इतनी बड़ी टीम कर क्या रही है ? जिम्मेदारी और कागज़ तो यही बता रहे है की एक कार्यालय अधीक्षक प्रथम को छोड़कर बाकी सभी नकारा है
उत्तराखंड प्रदेश का ऊर्जा विभाग लगातार सवालों में खड़ा रहता है। वहीं अगर कहीं पर कोई कमी रह जाती है तो फिर ऊर्जा विभाग के अधिकारी ही कुछ ऐसा कारनामा कर डालते है जो सुर्खिया पकड़ लेता है। ऐसा ही एक ताजा मामला सामने आया है यूपीसीएल के चीफ इंजीनियर, गढ़वाल मंडल कार्यालय के एक आदेश में, जहां पर एक कार्यालय अधीक्षक पी बी नौटियाल जी प्रथम को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय सूत्रों की माने तो काम भी बड़ी जिम्मेदारी भरा है, नौटियाल जी को टेंडर संबंधित कार्यों के लिए CE, गढ़वाल जोन के कैंप कार्यालय से अटैच्ड किया गया। जिसके लिए उन्हें अलग से कोई भी भत्ता या अतिरिक्त पारिश्रमिक नहीं दिया जाएगा। वहीं विभागीय सूत्रों का यह भी कहना है की पी बी नौटियाल जी लगातार अपनी नियुक्ति के पहले ही दिन 1992 से आज तक एक ही स्थान एक ही कुर्सी देहरादून पर तैनात है और वहां पर भी उनके उपर टेंडर संबंधित कार्यों की ही बड़ी जिम्मेदारी है। साथ ही बड़ी बात तब हो जाती है जब प्रमोशन होने के बाद भी कुर्सी नही छोड़ी जाती और Promotion + Transfer होने के एक हफ्ते के भीतर ही यूपीसीएल के सबसे बड़े साहब का पत्र उसी कुर्सी पर वापस तैनाती के आदेश कर देता है, जहां पर साल 1992 से नौटियाल जी तैनात है। साथ ही कर्मचारी इतना काबिल और कर्मयोगी है की उनके पास Attendence Register में साइन करने का भी वक्त नहीं है। वहां भी एक महीने में एक साथ एक बार में ही साइन किए जाते है और Immediate Officer भी इस बात की जांच नही करते की एक महीने तक ड्यूटी रजिस्टर पर साइन नही करने वाला अधिकारी कर्मचारी आखिर है कहां ? अब जितनी बाते खबर में लिखी गई है उन सभी के दस्तावेज www hindinews.media के पास उपलब्ध है। हमारा काम खबर लिखकर किसी की कबिलायत पर सवाल उठाने का नही है। लेकिन सभी दस्तावेजों की अगर जांच की जाए तो समझ यही आता है कि नौटियाल जी को पोस्टिंग ऐसे दी जा रही है जैसे यूपीसीएल में एक ही कर्मचारी योग्य बचा है। जो कि काफी सोचनीय बिंदु है।
